प्रथम पृष्ठ- मंगलाचरण
श्रीराधाकृष्णजी की वंदना-
शिशुपाल-वध (सभापर्व)-
श्री अक्रूरजी द्वारा वृृृृृृन्दावन-गमन के समय श्रीकृष्ण का गुणानुवाद-
राजा धृतराष्ट्र का दुर्योधन के समक्ष श्रीकृृृृष्ण के प्रभाव का वर्णन-
व्रजांगनाओं का उद्धवजी को परमात्मा के अस्तित्व का रहस्य समझाना-
श्रीकृष्ण-कथा का महात्म्य और कथा का समापन-
